पिंपरी-चिंचवड शहर में अपर्याप्त बारिश के कारण पानी की कमी की संभावना को ध्यान में रखते हुए, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) ने पानी का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है। साथ ही, पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। महानगरपालिका ने 31 अगस्त 2027 से 10% पानी कटौती लागू की है, यह जानकारी डॉ. विजय सूर्यवंशी ने दी।

पानी के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए महानगरपालिका ने विशेष जांच दल गठित किए हैं। इन टीमों के माध्यम से यह जांच की जाएगी कि पानी के उपयोग के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। आवासीय सोसायटियों में बगीचों के लिए उपचारित पानी (STP/GTP) का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। महानगरपालिका ने कहा है कि जो आवासीय परियोजनाएं उपचारित पानी का उपयोग नहीं करेंगी, उनके पानी के कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए जाएंगे।

पीने के पानी का उपयोग वाहन धोने, छत साफ करने और आंगन धोने के लिए सख्त मना है। नई आवासीय परियोजनाओं को सीमित व्यास के पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे। महानगरपालिका के पानी के कनेक्शन से पानी निकालने के लिए उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रिक पंप जब्त किए जाएंगे। साथ ही, वॉशिंग सेंटरों और बड़े व्यावसायिक परियोजनाओं को नए पानी के कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण परियोजनाओं को अपने पानी की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

घरेलू उपयोग, स्कूलों और अस्पतालों को छोड़कर अन्य अनावश्यक कार्यों के लिए पीने के पानी का दुरुपयोग करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी की टंकियों से पानी ओवरफ्लो न हो या पानी का रिसाव न हो। यदि पानी की पाइपलाइन से रिसाव हो रहा है, तो इसकी जानकारी जल आपूर्ति विभाग को देने की अपील की गई है। भूजल स्तर कम होने के कारण बोरवेल के पानी का उपयोग भी सोच-समझकर करने को महानगरपालिका ने कहा है। निर्माण कार्यों के लिए महानगरपालिका के एसटीपी से उपचारित पानी का उपयोग करना अनिवार्य है। नदियों से अवैध रूप से पानी निकालकर टैंकरों द्वारा बेचने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। पानी बचाने वाली आवासीय सोसायटियों को महानगरपालिका द्वारा सम्मानित किया जाएगा।