पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका की दूसरी संशोधित प्रारूप विकास योजना में शामिल एचसीएमटी/आर आरक्षणों पर घर बचाव समिति ने कानूनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। समिति के अनुसार, पुराने विकास योजना के आरक्षणों की वैधता की जांच किए बिना उन्हें नई योजना में शामिल करना उचित नहीं है।

समिति ने सवाल उठाया है कि क्या 1982-1986 के बाद बने नक्शों में आरक्षणों को आवश्यक कानूनी मान्यता मिली थी, और क्या 13 जनवरी, 1995 को प्रकाशित राजपत्र में आरक्षणों की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी हुई थी। समिति का दावा है कि 1995 के राजपत्र में कथित त्रुटियां 14 मई, 2025 को प्रकाशित दूसरी संशोधित प्रारूप विकास योजना में भी दिखाई दे रही हैं।

घर बचाव समिति ने महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगररचना अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के अनुसार पुराने आरक्षणों की कानूनी वैधता की जांच की मांग की है। साथ ही, समिति ने यह भी मांग की है कि जो आरक्षण अनियमित पाए जाएं, उन्हें प्रारूप विकास योजना से हटा दिया जाए। ये आपत्तियां नगररचनाकार और उपसंचालक अनुपमा कुलकर्णी को प्रस्तुत की गई हैं।