शबनम न्यूज के अनुसार, पिंपरी चिंचवड एजुकेशन ट्रस्ट के एस. बी. पाटील कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन (SBPCOAD) में हाल ही में सफल छात्रों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के और पूर्व छात्रों सहित कुल 43 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ आर्किटेक्ट और अंतर्राष्ट्रीय लैंडस्केप डिजाइनर डॉ. महेश नामपूरकर ने छात्रों को आर्किटेक्चर में करियर के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स पुणे सेंटर के अध्यक्ष अर्. शितेश अग्रवाल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। एसबीपीसीओएडी की प्राचार्या डॉ. स्मिता सूर्यवंशी ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर 2025 के लिए 'बेस्ट स्टूडेंट इंस्पिरेशन ट्रॉफी' पूर्व छात्रा अर्. हर्षश्री नखराणी को प्रदान की गई। काजल थिटे को एमपीएससी प्रतियोगी परीक्षा में असिस्टेंट टाउन प्लानर के रूप में चुने जाने के लिए सम्मानित किया गया। अंकित पाटील को 'फोएड यंग वुमन अचीवर ऑफ द ईयर फॉर हॉस्पिटैलिटी' पुरस्कार मिला। तिशा केला और आदर्श प्रधान ने 'स्ट्राइड मेक स्पेस डिजाइन कॉम्पिटिशन' जीती।
ओमकुमार बागले, जान्हवी भोसले, दिशा प्रधान, सिद्धी सावंत, भार्गवी पोहाणे, आदित्य काळे, कृतिका चाणी, सानिका काळे और प्रतिभा काकडे को पर्यावरण, स्थिरता, वाद-विवाद, पोस्टर डिजाइन, बर्डहाउस डिजाइन और फोटोग्राफी जैसी विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिले। राधिका मंत्री, सानिका सुतार, सांडली मेंढळकर, मृदूल मराळ, मृण्मयी चौधरी और ऐश्वर्या जाधव को कैंप फोटोग्राफी के लिए सम्मानित किया गया। स्वरा मुसळे को 'स्कार्स ऑफ इंडिया – द अनटोल्ड बैटल्स' पुस्तक के लिए, जबकि गर्गी साठे को 'कलर्स ऑफ धर्म' कलरिंग बुक के लिए पुरस्कार मिला।
इस कार्यक्रम में 2026-27 की छात्र परिषद के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। इसमें अध्यक्ष के रूप में अमोद भेगडे, उपाध्यक्ष के रूप में मृण्मयी चौधरी, सचिव के रूप में कुशा गोयल, सांस्कृतिक प्रमुख के रूप में सायली केसकर और खेल प्रमुख के रूप में मृदूल मराळ शामिल हैं। पिंपरी चिंचवड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर लांडगे, उपाध्यक्ष पद्माताई भोसले, सचिव विठ्ठल काळभोर, कोषाध्यक्ष शांताराम गरडे और ट्रस्टी हर्षवर्धन पाटील उपस्थित थे। उद्यमी नरेंद्र लांडगे और अजिंक्य काळभोर भी उपस्थित थे। कार्यकारी निदेशक डॉ. गिरीश देसाई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अजय हरताळे, रुजुता पाठक, लक्ष्मण तोरगळे और किसन काळे ने कार्यक्रम के आयोजन में भाग लिया। प्रा. शिवा शिशोविया और प्रा. दक्षा देशमुख ने कार्यक्रम का संचालन किया।







