पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका द्वारा आयोजित अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के एक भाग के रूप में 'मराठी भाषेचा प्रवास' विषय पर 5 अक्टूबर 2026 को आचार्य अत्रे रंगमंच, पिंपरी-चिंचवड में एक चर्चासत्र संपन्न हुआ। इस चर्चासत्र में विशेषज्ञों ने मराठी भाषा के समृद्ध इतिहास और दैनिक जीवन में इसके बढ़ते उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस चर्चासत्र की अध्यक्षता श्रीकांत चौगुले ने की। प्रकाश निर्मळ, कैलास भैरात, प्रा. कल्पना क्षीरसागर और प्रदीप कदम ने इस सत्र में अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने बताया कि मराठी भाषा का सफर प्राचीन शिलालेखों, संत साहित्य से लेकर आधुनिक स्वरूप तक कैसे हुआ। न्यूज पीसीएमसी ने कहा कि मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद, दैनिक व्यवहार, शिक्षा, प्रशासन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में इसका अधिक उपयोग होना आवश्यक है, इस पर विशेष जोर दिया गया।

मराठी भाषा की शब्दावली में मालवणी और वऱ्हाडी जैसी विभिन्न बोलियों के योगदान को भी इस चर्चासत्र में मान्यता दी गई। साथ ही, आज की युवा पीढ़ी तक मराठी भाषा को पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इस चर्चासत्र ने मराठी भाषा के संरक्षण और प्रचार के लिए महत्वपूर्ण दिशा प्रदान की।