पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) ने रावेत, सेक्टर 23 में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) के स्वामित्व वाली 25 एकड़ जमीन नए कचरा-से-ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए मांगी है। पुणेकर न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मोशी में मौजूदा 14-मेगावाट क्षमता का कचरा-से-ऊर्जा संयंत्र 5 जून, 2026 से बंद होने के कारण यह मांग की गई है।
मोशी में परियोजना बंद होने के पीछे कुछ गंभीर घटनाएं हुई हैं। 8 जुलाई, 2026 को परियोजना की चिमनी गिर गई, जिसके बाद अनाधिकृत प्रशासनिक इमारत ढह गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 कर्मचारी मारे गए, जबकि 12 कर्मचारी घायल हो गए। इस घटना के बाद मोशी में परियोजना का काम रुक गया है।
नया प्रस्तावित संयंत्र रावेत के सर्वे क्रमांक 155, 156, 158, 177 में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में प्रतिदिन 1,000 टन सूखे कचरे का प्रसंस्करण करने की क्षमता होगी। इससे कचरा परिवहन की लागत कम होगी और मोशी में कचरा डिपो पर भी दबाव कम होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिक प्रशासन को 27-मेगावाट क्षमता का एक और कचरा-से-ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया था। तदनुसार, पीएमसी आयुक्त ने 8 सितंबर, 2026 को राज्य नगर विकास विभाग को जमीन के लिए आधिकारिक अनुरोध प्रस्तुत किया है। जुलाई 2023 में भी इस संबंध में चर्चा हुई थी। इस नई परियोजना को शहर की बढ़ती कचरा समस्या के स्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।












