पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (वाईसीएम) अस्पताल से ससून जनरल अस्पताल में शिफ्ट करते समय एक बेघर मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस से मरीज के नीचे गिरने की चौंकाने वाली घटना शनिवार रात, 12 अक्टूबर, 2026 को हुई। पुणेकर न्यूज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाईसीएम अस्पताल में मरीज का इलाज करने के लिए आवश्यक सुविधाएं न होने के कारण उसे ससून अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा था। यह घटना वाईसीएम अस्पताल के बाहर हुई।
इस घटना का मुख्य कारण एम्बुलेंस में स्ट्रेचर के पहियों का लॉक न होना और पिछला दरवाजा ठीक से बंद न होना था। चौंकाने वाली बात यह है कि मरीज के साथ मौजूद कर्मचारी आगे की सीट पर बैठा था, जबकि एम्बुलेंस लगभग 90 सेकंड आगे चली गई। इस एम्बुलेंस में एक पुलिस कर्मचारी भी मौजूद था। 11 अक्टूबर, 2026 को नागरिकों ने इस घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किया और वह वायरल हो गया। वीडियो में मरीज की चोटों की स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन इस घटना ने एम्बुलेंस के सुरक्षा नियमों और मरीज परिवहन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वाईसीएम अस्पताल के डॉ. राजेंद्र वाबळे ने इस घटना के बाद एम्बुलेंस चालक और एक कर्मचारी को नोटिस जारी किया है। पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) वाईसीएम अस्पताल का संचालन करती है। नागरिकों ने एम्बुलेंस चालक और अस्पताल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना से मरीजों की सुरक्षा और एम्बुलेंस के कामकाज के बारे में चिंता व्यक्त की जा रही है।














