पुणे | 1 अक्टूबर 2026
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जल संकट और संभावित पानी कटौती की खबरों के बाद लोगों में चिंता बढ़ी है. लेकिन मौजूदा बांधों के आंकड़े बताते हैं कि पुणे के प्रमुख जल स्रोतों में फिलहाल मजबूत पानी का भंडार मौजूद है.
28 सितंबर को पुणे जिले के बड़े जल प्रकल्प 95.03% भरे हुए थे. पुणे शहर को पानी देने वाले खड़कवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर बांधों में कुल 27.78 TMC यानी करीब 95.30% पानी था.
तो फिर पानी कटौती की चर्चा क्यों हो रही है?
इसका कारण पूरे महाराष्ट्र में बनी सूखे की स्थिति है. राज्य के कई हिस्सों में कम बारिश हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे जल स्रोतों में पानी की स्थिति कमजोर है. पुणे जिले के छोटे जल प्रकल्प भी सिर्फ 32.68% भरे हैं.
इसी वजह से महाराष्ट्र सरकार शहरी जल आपूर्ति में लगभग 10% कटौती के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है. यह एक एहतियाती कदम है और अंतिम फैसला शहर और जिले की वास्तविक स्थिति देखकर किया जाना है.
इसलिए यह कहना कि पुणे और PCMC का पीने का पानी अभी खत्म होने वाला है, उपलब्ध बड़े बांधों के आंकड़ों से साबित नहीं होता.
हालांकि बांध भरे होने के बावजूद पाइपलाइन लीकेज, कम प्रेशर, वितरण व्यवस्था या स्थानीय सप्लाई की समस्या के कारण कुछ इलाकों में पानी की कमी महसूस हो सकती है.
फिलहाल सही तस्वीर यह है कि पुणे के प्रमुख बांधों में पर्याप्त पानी है, लेकिन महाराष्ट्र के व्यापक सूखे को देखते हुए सरकार एहतियाती जल संरक्षण उपायों पर विचार कर रही है.
10% शहरी कटौती फिलहाल विचाराधीन प्रस्ताव है; सरकार शहरवार जल उपलब्धता और सूखे की स्थिति देखकर निर्णय लेने की बात कर रही है.














