पुणेकर न्यूज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देहूरोड स्थित काली बारी में बंगाली समाज ने आनंद मेले का आयोजन कर दुर्गा पूजा उत्सव का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया है। बंगीया कृष्टी परिषद (BKP) द्वारा आयोजित इस मेले में पारंपरिक बंगाली घरेलू व्यंजनों का स्वाद लिया जा सका। यह आनंद मेला दुर्गा पूजा के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है।

इस वर्ष काली बारी देहूरोड में दुर्गा पूजा का 53वां वर्ष मनाया जा रहा है। इस वर्ष की दुर्गा पूजा की केंद्रीय अवधारणा पश्चिम बंगाल का पारंपरिक मुखौटा नृत्य 'पुरुलिया छऊ' है। इससे उत्सव को एक अलग ही कलात्मक पहचान मिली है।

दुर्गा पूजा के ये उत्सव 15 अक्टूबर 2026 को शुरू हुए हैं और ये पांच दिनों तक चलेंगे। इसमें षष्ठी पूजा, सप्तमी, अष्टमी, नवमी जैसे धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। साथ ही, महा भोग और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। दशहरा और मूर्ति विसर्जन के साथ इस उत्सव का समापन होगा। इस उत्सव से देहूरोड क्षेत्र के बंगाली समाज में उत्साह का माहौल है।