पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के कर संग्रह एवं निर्धारण विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक सुनियोजित अभियान शुरू किया है। पिंपरी स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के कै. महापौर मधुकरराव पवळे सभागृह में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्त तृप्ती सांडभोर ने इस संबंध में निर्देश दिए। संपत्ति कर राजस्व महानगरपालिका के बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे विभिन्न विकास कार्य और नागरिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

इस बैठक में बकाया संपत्ति कर, संपत्ति कुर्की की कार्रवाई, संपत्ति हस्तांतरण के मामले, सारथी पोर्टल पर लंबित शिकायतें और पिछली बैठक के निर्देशों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कर वसूली में देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक क्षेत्रीय अधिकारी को अपने क्षेत्र की स्थिति का अध्ययन कर प्रभावी उपाय करने और उसकी लिखित जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

पिछले पांच वर्षों के संपत्ति कर वसूली के आंकड़ों की तुलना कर इस वर्ष वसूली में वृद्धि की उम्मीद है। बकायेदारों को उनके बकाया के बारे में बार-बार सूचित किया जाएगा और सूचना देने के बाद भी कर का भुगतान न करने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। नए संपत्ति सर्वेक्षण में संपत्तियों को प्राथमिकता देकर आवासीय, गैर-आवासीय, मिश्रित उपयोग, औद्योगिक और खाली भूखंडों की संपत्तियों की जानकारी अपडेट करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, लंबित संपत्ति कर संबंधी शिकायतों का निवारण करना और संपत्ति हस्तांतरण के मामलों को समय पर पूरा करना आवश्यक है। आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी स्वयं पूरी कर वसूली प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। कर वसूली के काम की हर पंद्रह दिन में समीक्षा कर प्रगति की जांच की जाएगी।

इस बैठक में सचिन पवार, रश्मी देशपांडे, बाळू लोंढे, हनुमंत सरवदे, मनोज शिंदे, अजित नखाते, रणजित भोसले, जयंत मारळीकर, राजेश बांदल, रवींद्र शिंदे, राजेंद्र कुदळे, प्रसाद एच. एस., राकेश सौदे, अतुल काळे, नाना सोनटके, खुकाळे एस., नीता राणे, डी. डी. गोरडे, हनुमंत मोरे, मिलिंद कांबळे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।