पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका प्रशासन ने शहर में बढ़ रहे अवैध निर्माण और अनाधिकृत ठेलों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अनुसार, बीट निरीक्षकों की कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाएगा और उनका हर तीन महीने में तबादला किया जाएगा।
महानगरपालिका की जानकारी के अनुसार, यदि बीट निरीक्षकों की एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक नियुक्ति रहती है, तो स्थानीय संबंध बन जाते हैं। इससे अवैध निर्माण और अनाधिकृत ठेलों की अनदेखी होने की संभावना रहती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए आयुक्त ने 29 सितंबर 2026 को बीट निरीक्षकों का हर तीन महीने में तबादला करने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी और तृप्ति सांडभोर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ निरीक्षक अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करते हैं। इससे शहर में अवैध निर्माण को बढ़ावा मिलता है। महानगरपालिका को उम्मीद है कि इस नए निर्णय से अवैध निर्माण पर अधिक निष्पक्ष रूप से निगरानी रखने और कड़ी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव से पिंपरी-चिंचवड शहर में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाना संभव होगा।






