पुनावले: पिंपरी-चिंचवड़ के पुनावले इलाके में एक निर्माण परियोजना के दौरान हुए गौण खनिज उत्खनन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित परियोजना में मिट्टी, मुरूम और पत्थर का उत्खनन आधिकारिक अनुमति से कई गुना अधिक किया गया, जिससे सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व नुकसान हो सकता है.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुनावले के सर्वे नंबर 43 से संबंधित स्थल पर करीब 1,000 ब्रास गौण खनिज उत्खनन की अनुमति होने की बात कही जा रही है। इसके बाद शिकायत की गई कि वास्तविक उत्खनन निर्धारित सीमा से काफी अधिक हुआ है.
शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा संबंधित स्थल की ETS पद्धति से माप किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस माप में 10,000 ब्रास से अधिक उत्खनन होने की बात सामने आई। इसी कथित अंतर के आधार पर सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी और अन्य राजस्व को लेकर सवाल उठाए गए हैं.
मामले में संबंधित बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है। नोटिस के माध्यम से उत्खनन की अनुमति, वास्तविक उत्खनन, जमा की गई रॉयल्टी और सरकार को देय संभावित अतिरिक्त राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही जा रही है.
तेजी से विकसित हो रहे पुनावले जैसे क्षेत्रों में बड़े निर्माण प्रकल्पों के दौरान होने वाले गौण खनिज उत्खनन की नियमित और पारदर्शी निगरानी की जरूरत भी इस मामले के बाद सामने आई है.
हालांकि फिलहाल कथित करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का मामला आरोप के स्तर पर है। वास्तविक उत्खनन, सरकारी राजस्व पर प्रभाव और किसी भी संभावित जुर्माने की पुष्टि संबंधित राजस्व विभाग की अंतिम जांच और आधिकारिक आदेश के बाद ही होगी.








