पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत एक संगठित साइबर आपराधिक गिरोह पर कार्रवाई की है। न्यूज PCMC के अनुसार, इस गिरोह ने एक वरिष्ठ नागरिक को फर्जी ट्रेडिंग ऐप में निवेश का लालच देकर 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। 2026 में पिंपरी-चिंचवड पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों पर की गई यह दूसरी 'मकोका' कार्रवाई है।
इस मामले में तेजस्वी ज्ञानोबा लोखंडे, अविनाश ज्ञानोबा बाळगळीकर, हर्षल दिलीप बोरा, सोनू हरीश शर्मा, ॲलेक उर्फ गौरव रमेश गाडगे और अखिल श्रीनिवासराव नेल्लुरी नामक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी से प्राप्त 28 लाख रुपये जब्त कर लिए हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता को लौटाया जाएगा।
न्यूज PCMC के अनुसार, इस गिरोह ने सोशल मीडिया का उपयोग करके लोगों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और उच्च रिटर्न का झूठा वादा किया। धोखाधड़ी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर उसे USDT जैसी वर्चुअल करेंसी में बदला गया। यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का संबंध कंबोडिया में एक मुख्य संदिग्ध से है।
साइबर पुलिस स्टेशन की जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का केवल साइबर धोखाधड़ी में ही नहीं, बल्कि अपहरण, रंगदारी, डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और विभिन्न शहरों में फर्जी दस्तावेज बनाने जैसे अन्य अपराधों में भी शामिल होना पाया गया है। सारंग आवद और रोहिणी बनकर पर भी इस मामले में कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई 17 जुलाई 2026 से 17 अक्टूबर 2026 की अवधि के दौरान की गई।




