निवेश, निदेशक पद और रिटर्न का झांसा देकर करीब 11.67 करोड़ रुपये लेने और उसे वापस न करने के आरोप में वाकड पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पिंपरी-चिंचवड पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक निजी खाद्य कंपनी के निदेशक को हिरासत में लिया है। वडगांव अदालत ने उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

दिल्ली के सरिता विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में यह संदिग्ध करीब दो महीने से तिहाड़ जेल में बंद था। आर्थिक अपराध शाखा ने 26 सितंबर को उसे तिहाड़ जेल से हिरासत में लिया और पुणे ले आई।

वाकड में दर्ज यह मामला महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठान) अधिनियम, 1999 (एमपीआईडी) के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, निवेश और कंपनी में हिस्सेदारी के वादों पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने एक बड़ी रकम दी थी; लेकिन वह तय समय के अनुसार वापस नहीं मिली। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इस रकम को विभिन्न कंपनियों और बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया है।

जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक श्रीराम शिंदे ने बताया कि इसी कंपनी की निदेशक और सह-आरोपी अभी भी फरार है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन दोनों के खिलाफ नासिक, मुंबई और दिल्ली में भी आर्थिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने आशंका जताई है कि इसी तरह कुछ और निवेशकों के साथ भी धोखाधड़ी हुई हो सकती है। फिलहाल लेनदेन और दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच चल रही है। आरोप अभी अदालत में साबित होने बाकी हैं।