स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मॉल और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और संस्थागत परिसरों से पकड़े गए आवारा कुत्तों के लिए पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (मनपा) शहर में पांच आश्रय केंद्र (डॉग शेल्टर) बनाएगी। मनपा के पशु चिकित्सा विभाग ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है।
तलवडे, पुनावले, चिंचवड के मोहननगर, साथ ही भोसरी के शाहूनगर और सद्गुरुनगर में मनपा के खाली भूखंडों पर इन केंद्रों को बनाने का सुझाव दिया गया है। यह प्रस्ताव आगे की कार्रवाई के लिए भूमि एवं संपदा विभाग को भेज दिया गया है। प्रत्येक केंद्र में करीब 1,000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी, साथ ही आक्रामक या खतरनाक साबित हो सकने वाले कुत्तों के लिए अलग व्यवस्था होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक परिसरों से पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कर उन्हें निर्धारित आश्रय केंद्रों में भेजा जाए और वापस उसी जगह पर न छोड़ा जाए। बताया गया है कि इसी के अनुसार यह तैयारी चल रही है।
वर्तमान में पिंपरी के नेहरूनगर में मनपा का एक केंद्र है, जिसकी क्षमता करीब 216 कुत्तों की है। वहां मुख्य रूप से नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है; पशु चिकित्सा विभाग का कहना है कि वहां बड़ी संख्या में कुत्तों को स्थायी रूप से रखना संभव नहीं है, इसलिए अलग आश्रय केंद्रों की आवश्यकता है।
मनपा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण दगडे ने बताया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नसबंदी, टीकाकरण और जहां आवश्यक हो वहां कुत्तों को आश्रय केंद्र में रखने की व्यवस्था की जाएगी।










