नेपाल-चीन सीमा के पास हाल ही में हुए हादसे के कारण इस मार्ग पर गए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरे राज्य में चिंता व्यक्त की जा रही थी। ऐसे समय में रावेत के पाटिल और बहिरट परिवार को दोनों बहनों के सुरक्षित होने की खबर मिली और उनके घर लौटने पर इलाके में खुशी का माहौल था।
मायके पहुंचने पर रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों ने पारंपरिक तरीके से औक्षण कर उनका स्वागत किया। दोनों बहनों के ओटीभरण और पादपूजन का कार्यक्रम भी हुआ। भाभी रूपाली पाटिल ने इस समारोह का आयोजन किया था।
इस मौके पर दोनों बहनों ने यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल मौसम, कठिन रास्तों, पर्वत श्रृंखलाओं और ऑक्सीजन की कमी वाले वातावरण में दृढ़ इच्छाशक्ति और आस्था के बल पर ही यह यात्रा पूरी की जा सकी।
खुशी के इस मौके पर परिजनों ने सामाजिक भान भी बनाए रखा। उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर नेपाल हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।









