प्रतिकूल मौसम के बावजूद राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए समाज के लोग बड़ी संख्या में इस मोर्चे में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने यह पक्ष रखा कि आरक्षण का लाभ अनुसूचित जाति के अधिक वंचित वर्गों तक पहुंचे, इसके लिए उपवर्गीकरण आवश्यक है।
सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने 1 अगस्त 2024 को दिए गए फैसले में यह माना है कि राज्यों को अनुसूचित जाति के आरक्षण में उपवर्गीकरण करने का अधिकार है। इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र में भी इस फैसले को लागू करने की मांग की गई।
उपवर्गीकरण तत्काल लागू करना, वंचित वर्गों को समान न्याय देना और इस संबंध में सरकार द्वारा ठोस निर्णय लेना, ये प्रमुख मांगें मोर्चे के माध्यम से सरकार के सामने रखी गईं।
आयोजकों ने घोषणा की कि यदि राज्य सरकार ने 25 सितंबर तक निर्णय घोषित नहीं किया, तो 29 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान में 'निर्धार मोर्चा' आयोजित किया जाएगा। इस मोर्चे में राज्य भर के नागरिकों से शामिल होने की अपील भी की गई।










