अवैध निर्माण के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने नियमों के दायरे में आने वाले निर्माणों को नियमित करने और नियम विरुद्ध निर्माणों पर कार्रवाई करने की भूमिका रखी थी।
डॉ. पाटिल का कहना है कि मंत्री का मौखिक बयान शासनादेश या आधिकारिक परिपत्रक का विकल्प नहीं हो सकता और महानगरपालिका प्रशासन या न्यायालय ऐसे बयानों से बाध्य नहीं होते। उन्होंने महानगरपालिका के कामकाज को लेकर राजस्व मंत्री के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया।
अवैध निर्माणों के संबंध में कोई भी निर्णय सक्षम प्राधिकारी के लिखित आदेश से ही होना चाहिए। पाटिल ने कहा कि करीब 4 दशकों से लंबित इस मुद्दे का समाधान केवल बयानों से नहीं निकलेगा।
इस बीच, बावनकुले ने कहा है कि अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आम नागरिकों का नुकसान न हो।










