शिकायत के अनुसार, संबंधित कर्मचारी कंपनी की भोसरी शाखा में गोल्ड लोन अधिकारी के रूप में काम कर रहा था। आरोप है कि सोने की गिरवी पर लिए गए कर्ज को बंद करने के लिए ग्राहक जो नकद राशि जमा कर रहे थे, उसने उसे स्वीकार किया; लेकिन कंपनी के खाते में जमा नहीं किया।
शिकायत में कहा गया है कि उसने इस राशि का इस्तेमाल अपने आर्थिक फायदे के लिए किया। कंपनी का दावा है कि मई 2023 से फरवरी 2026 तक करीब पौने तीन साल तक यह सिलसिला चलता रहा और इससे कंपनी को 35 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।
कंपनी के नवी मुंबई स्थित प्रतिनिधि ने इस संबंध में भोसरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे मामलों में बताया जाता है कि गोल्ड लोन बंद करते समय ग्राहकों को जहां तक संभव हो बैंक लेनदेन या आधिकारिक रसीद के माध्यम से ही पैसे का भुगतान करना चाहिए और खाता बंद होने की लिखित पुष्टि लेनी चाहिए। पुलिस जांच में आरोपों की पड़ताल की जाएगी।











