एक कार्यक्रम में बोलते हुए संविधान विधि सेवा मंच के संस्थापक अध्यक्ष एड. गोरखनाथ झोल ने पिछले तीन दशकों में शहर की न्याय व्यवस्था में हुए बदलावों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शहर में न्यायालयों की संख्या बढ़ी है और जिला न्यायालय तथा वरिष्ठ स्तर के न्यायालय शुरू हुए हैं।
हालांकि, सहकारी संस्थाओं से संबंधित मामलों के लिए पिंपरी-चिंचवड के नागरिकों को आज भी पुणे जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके कारण समय और यात्रा की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शहर के मध्य भाग में एक स्वतंत्र सहकार न्यायालय शुरू होता है, तो नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर उन्होंने युवा वकीलों को व्यावसायिक प्रगति के साथ-साथ ईमानदारी, निरंतर अध्ययन और वरिष्ठ वकीलों के मार्गदर्शन का महत्व भी समझाया।










