शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई सेवकों के स्वास्थ्य की जांच और सुरक्षित कामकाज के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग ने थेरगांव में 'सफाई मित्र सुरक्षा शिविर' का आयोजन किया। 'स्वच्छता ही सेवा 2026' पहल के तहत स्व. शंकरराव गावडे कामगार भवन में आयोजित इस शिविर में 'अ', 'ब', 'ड', 'ग' और 'ज' इन पांच क्षेत्रीय कार्यालयों के 1,500 से अधिक सफाई सेवक शामिल हुए।
'ग' क्षेत्रीय अधिकारी मुकेश कोळप के हाथों शिविर का उद्घाटन हुआ। सफाई सेवकों के हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और मधुमेह की मुफ्त जांच की गई। रोजमर्रा की भागदौड़ में स्वास्थ्य की अनदेखी न हो, इसलिए संतुलित आहार, व्यायाम, योगासन, प्राणायाम, तनाव प्रबंधन और नियमित जांच का महत्व समझाया गया। काम के स्वरूप के अनुसार बरती जाने वाली सुरक्षा और स्वस्थ आदतों के बारे में भी जानकारी दी गई।
उपायुक्त डॉ. प्रदीप ठेंगल ने कहा कि सफाई का काम शारीरिक रूप से मेहनत का होने के कारण नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक है। स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण गोफणे ने कहा कि जांच से बीमारियों का शुरुआत में ही पता चल जाता है।
समाज विकास विभाग ने 'लाइट हाउस कौशल्य' के माध्यम से शिविर में एक सूचना केंद्र भी स्थापित किया था। सफाई सेवकों के परिवार के 18 से 35 आयु वर्ग के युवक-युवतियों के लिए लेखा सहायक, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, बैंकिंग सेवा, नर्सिंग, कंप्यूटर मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, दोपहिया और मोबाइल रिपेयरिंग जैसे विभिन्न मुफ्त प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों और उसके बाद रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।







