शिवशाही प्रतिष्ठान महाराष्ट्र राज्य ने कहा है कि इस मांग के पीछे का उद्देश्य यह है कि छात्रों को स्कूली उम्र में ही संभाजी महाराज की वीरता, विद्वत्ता, प्रशासन, साहित्य निर्माण, बलिदान और स्वराज्य रक्षा में उनके योगदान की जानकारी मिल सके।
प्रतिष्ठान ने बालभारती को सौंपे गए ज्ञापन में कक्षा पांचवीं या उससे आगे के छात्रों के लिए एक स्वतंत्र पाठ्यपुस्तक प्रकाशित करने की मांग की है। यह भी सुझाव दिया गया है कि यह पाठ्यक्रम ऐतिहासिक साक्ष्यों पर आधारित होना चाहिए और विषय को आसान बनाने के लिए इसमें चित्र, कालक्रम और पूरक जानकारी होनी चाहिए।
इसी विषय पर प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों ने शिव व्याख्याता और इतिहास के अध्येता नितिन बानगुडे पाटिल से मुलाकात कर चर्चा की।
प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष राज जाधव और प्रदेश कार्याध्यक्ष अथर्व तावरे ने कहा कि वे इस मांग को लेकर निरंतर प्रयास करते रहेंगे। अब सभी का ध्यान इस बात पर है कि बालभारती इस ज्ञापन पर क्या निर्णय लेती है।










