महाराष्ट्र विधान परिषद के पुणे संभाग शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय सीमा में 31 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न पाबंदियां लागू की गई हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. शशिकांत महावरकर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

आदेश के अनुसार चुनाव के दौरान सरकारी, अर्ध-सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने पर रोक है। जिलाधिकारी कार्यालय, उपविभागीय अधिकारी व तहसील कार्यालय, अन्य सरकारी कार्यालयों और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कार्यालयों के परिसर में जुलूस, मोर्चा, सभा, अनशन, नारेबाजी, वाद्य यंत्र बजाने या गाने गाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

पुलिस की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति, संस्था या पार्टी को लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। चलते वाहनों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक है और सुबह छह बजे से पहले और रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह से बंद रहेगा। प्रचार में तय सीमा से अधिक वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा; सरकारी काम में लगे वाहनों को इससे छूट दी गई है। धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के पास अस्थायी पार्टी कार्यालय खोलने पर भी रोक है।

इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत चुनाव वाले क्षेत्रों के पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसके अनुसार वे जुलूसों के मार्ग तय करने, भीड़ के व्यवहार के संबंध में आदेश देने, लाउडस्पीकर की आवाज की सीमा तय करने और प्रचार सभाओं के स्थान, दिनांक व समय पर नियंत्रण रख सकेंगे। ये अधिकार 25 सितंबर से 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक लागू रहेंगे।

आदेश में कहा गया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।