मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप होने का आरोप लगाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी ने रविवार (27 सितंबर) को पिंपरी में आंदोलन किया। पिंपरी के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर पार्टी के शहर प्रमुख चेतन पवार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। पवार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के फैसले बहुमत या सर्वसम्मति से होने की उम्मीद होती है, लेकिन कुछ फैसले मनमाने ढंग से लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची के सॉफ्टवेयर को केंद्रीकृत कर राज्यों के अधिकार कम करने का प्रयास लोकतंत्र के लिए घातक है।
इससे पहले मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण एसएसआर (स्पेशल समरी रिवीजन) पद्धति से होता था। पवार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उस पद्धति को दरकिनार कर शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया आम मतदाताओं के अधिकारों का हनन करने वाली है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
बताया गया कि एसआईआर के खिलाफ यह आंदोलन अब मुंबई ले जाया जाएगा और उद्धव ठाकरे तथा मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के नेतृत्व में 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मोर्चा निकाला जाएगा। अन्य राजनीतिक दलों से भी इसमें शामिल होने की अपील की गई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक गौतम चाबुकस्वार सहित पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।














